
रामानुजगंज (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। छत्तीसगढ़–झारखंड सीमा पर स्थित ओरसा घाटी में यात्रियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 80 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।
पारिवारिक कार्यक्रम के लिए निकले थे सभी यात्री
हादसे का शिकार हुए सभी यात्री बलरामपुर जिले के पिपरसोत गांव के रहने वाले थे। जानकारी के अनुसार, ये लोग झारखंड में आयोजित एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह यात्रा इतनी भयावह साबित होगी।
ओरसा घाटी में कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस सामरी क्षेत्र के ओरसा पाठ घाट में तेज रफ्तार से उतर रही थी। इसी दौरान चालक का नियंत्रण बिगड़ गया। बस पीडब्ल्यूडी रोड सेफ्टी गार्ड को तोड़ते हुए पलट गई और पास के एक पेड़ से जा टकराई।
हादसे के बाद मची चीख-पुकार
दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई यात्री बस के अंदर फंसे हुए थे। स्थानीय ग्रामीणों ने बिना देर किए बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को बाहर निकालने में मदद की। घटनास्थल पर हर तरफ चीख-पुकार और दर्द का मंजर दिखाई दिया।
पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
हादसे की सूचना मिलते ही झारखंड और छत्तीसगढ़ पुलिस, एम्बुलेंस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। महुआडांड और सामरी थाना पुलिस ने राहत एवं बचाव कार्य की कमान संभाली।
घायलों का इलाज जारी
गंभीर रूप से घायलों को महुआडांड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। कुछ घायलों को बेहतर इलाज के लिए छत्तीसगढ़ के अस्पतालों में रेफर किया गया है। स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट पर रखा गया है।
मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका
प्रशासन ने अब तक पांच मौतों की पुष्टि की है, जिनमें एक पुरुष और चार महिलाएं शामिल हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
पिपरसोत गांव में छाया मातम
जैसे ही हादसे की खबर पिपरसोत गांव पहुंची, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जिन घरों से लोग खुशी-खुशी निकले थे, वहां अब सन्नाटा और मातम पसरा हुआ है।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह हादसा पहाड़ी इलाकों में तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ओरसा घाटी जैसे खतरनाक रास्तों पर अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम बेहद जरूरी हैं।



